मेरे भाव
अपने हुनर का इस्तेमाल कर लिया करो
इधर भी प्यार का लहर कर लिया करो
खाकसार, नाचीज, नादान कहतें हैं सारे
इस ओर भी एक नजर कर लिया करो
तुम्हारी तस्वीर लिए हम बुत बन जाते हैं
अदाओं का इधर भी असर कर लिया करो
टोढ़ी पर तिल देख दर्पण भी शर्मा जाती है
इस दिलकश हँसी का सफर कर लिया करो
रूह तक उतर जाये ऐसी शर्मो-हया तुम्हारी
इधर भी मुसकुराते हुए अधर कर लिया करो
गुनेश्वर
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